शरद पूर्णिमा पर श्री विद्या समय पूर्ण भवन का भव्य शिलान्यास, देशभर में आयोजित हुई भक्तिमय ऑनलाइन धार्मिक हाउजी
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राजीव चन्दन
देहरादून। आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज एवं नवाचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज के आशीर्वाद तथा परम पूज्य आध्यात्मिक श्रमणी आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी ससंघ के मंगल आशीर्वाद एवं पावन सानिध्य में शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर श्री दिगंबर जैन मंदिर एवं जैन भवन, 60 गांधी रोड, देहरादून में श्री विद्या समय पूर्ण भवन का भव्य शिलान्यास किया गया।
शिलान्यास समारोह में मुख्य शिला स्थापित करने का सौभाग्य गुजरात के गोधा परिवार, राजेश जैन, अर्चना जैन, पारस जैन एवं पूजा जैन (पारस टावर) को प्राप्त हुआ। भवन की चारों दिशाओं में शिलाएं स्थापित करने का सौभाग्य सुखमाल जैन एवं रचना जैन, मिथिलेश, प्रतीक, अमित एवं रश्मि, विनोद जैन (अध्यक्ष, जैन समाज) तथा प्रवीण जैन (सीबीआई, चमन विहार) को प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जैन समाज की मीडिया समन्वयक मधु जैन ने बताया कि शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर जैन भवन के मुख्य द्वार पर श्रद्धालुओं एवं आमजन के लिए छोले-चावल और हलवे का भंडारा आयोजित किया गया। इसके साथ ही भक्तिमय वातावरण में धार्मिक ऑनलाइन हाउजी का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर के प्रतिभागियों ने घर बैठे ऑनलाइन भाग लिया।
देशभर में आयोजित हुई भक्तिमय ऑनलाइन धार्मिक हाउजी
कार्यक्रम में भजन सम्राट रूपेश जैन, अंतरराष्ट्रीय गायक अजीत जैन एवं युवा गायिका अहिंसा जैन ने अपनी प्रस्तुतियों से भक्तिमय वातावरण बनाया। कार्यक्रम का मंच संचालन युवा विद्वान, कवि एवं प्रखर वक्ता विकर्ष शास्त्री ने किया।
आयोजकों के अनुसार, इस धार्मिक ऑनलाइन हाउजी का उद्देश्य धर्म, संस्कृति, स्वदेशी, भारतीयता और सामाजिक जागरूकता के संदेश को देशभर में पहुंचाना रहा। कार्यक्रम के लिए देश के 50 शहरों में ऑफलाइन टिकट प्राप्त करने की व्यवस्था भी की गई थी, जहां प्रतिभागियों ने अपना नाम एवं मोबाइल नंबर दर्ज कराकर टिकट प्राप्त किए। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिनवाणी चैनल टीवी एवं यूट्यूब के माध्यम से किया गया।
विजेताओं को चांदी और सोने के सिक्कों से किया गया सम्मानित
धार्मिक हाउजी में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को प्रभावना स्वरूप चांदी एवं सोने के सिक्के प्रदान किए गए। पुरस्कारों का विवरण इस प्रकार रहा—
3 अर्ली-5 (हथकरघा): प्रत्येक विजेता को 20 ग्राम चांदी का सिक्का।
3 अर्ली-7 (प्रतिभास्थली): प्रत्येक विजेता को 20 ग्राम चांदी का सिक्का।
3 कॉर्नर (महाकाव्य मूर्त माटी): प्रत्येक विजेता को 20 ग्राम चांदी का सिक्का।
3 फर्स्ट लाइन (स्वदेशी अपनाओ): प्रत्येक विजेता को 20 ग्राम चांदी का सिक्का।
3 सेकंड लाइन (इंडिया नहीं, भारत बोलो): प्रत्येक विजेता को 20 ग्राम चांदी का सिक्का।
3 थर्ड लाइन (आत्मनिर्भर बनो): प्रत्येक विजेता को 20 ग्राम चांदी का सिक्का।
3 फर्स्ट हाउस (संत शिरोमणि): प्रत्येक विजेता को 3 ग्राम सोने का सिक्का।
3 सेकंड हाउस (धरती के भगवान): प्रत्येक विजेता को 2 ग्राम सोने का सिक्का।
3 थर्ड हाउस (अनियत विहारी): प्रत्येक विजेता को 1 ग्राम सोने का सिक्का।
इसके अतिरिक्त 100 उपविजेताओं को हथकरघा के उपहार प्रदान किए गए। इस आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ स्वदेशी एवं हथकरघा उत्पादों को प्रोत्साहित करने का संदेश भी दिया गया।
गोधा परिवार ने निभाई पुण्यार्जक की भूमिका
कार्यक्रम के पुण्यार्जक परिवारों में स्वर्गीय श्रीमती रतनी देवी एवं स्वर्गीय श्री हंसराज जी गोधा, मंढ़ा भीमसिंह (राजस्थान); नरेंद्र कुमार एवं पुष्पा देवी गोधा, गांधीधाम (गुजरात); सुरेश कुमार एवं ललिता देवी गोधा, गांधीधाम (गुजरात) एवं तिनसुकिया (असम); प्रदीप कुमार एवं मंजू देवी गोधा, गुवाहाटी (असम); तथा अनिल कुमार एवं संजू देवी गोधा, जयपुर (राजस्थान) शामिल रहे। समस्त गोधा परिवार के सहयोग से कार्यक्रम को सफल बनाया गया।
आयोजकों ने कार्यक्रम के लिए “एक संकल्प, एक लक्ष्य—50,000 प्रतिभागी” का संदेश दिया और अधिक से अधिक लोगों से धार्मिक गतिविधियों में भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर श्री दिगंबर जैन समाज, देहरादून एवं श्री विद्या समय पूर्ण चातुर्मास समिति के पदाधिकारियों तथा असम, गुजरात, राजस्थान एवं जयपुर से जुड़े विभिन्न संस्थाओं के सदस्यों की उपस्थिति रही। सभी ने भवन के शिलान्यास एवं धार्मिक आयोजन को समाज की एकता, धर्मप्रभावना और सांस्कृतिक जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
