ब्रेकिंग न्यूज़
1 . दि बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया एवं बुद्ध संस्कृति विश्वविद्यापीठ के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित हुआ कार्यक्रम 2 . गुरु पूर्णिमा पर्व पर रोटरी क्लब हरिद्वार ने किया पौधरोपण का आयोजन 3 . गुरू ही शिष्य को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं:श्रीमहंत रविंद्रपुरी 4 . उत्तराखंड में रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित हुई बैठक 5 . मसूरी देहरादून गलोगी पावर हाउस के पास क्षतिग्रस्त सड़क के दोनो ओर से परिवहन विभाग की बसे संचाालन करने की मांग 6 . गुरू ही शिष्य को ईश्वर प्राप्ति का मार्ग दिखाते हैं-स्वामी ऋषि रामकृष्ण 7 . गुरू ही शिष्य के जीवन को ज्ञान रूपी प्रकाश से आलोकित करते हैं-स्वामी गर्व गिरी 8 . गुरू ही शिष्य को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं-श्रीमहंत रविंद्रपुरी 9 . भारत विकास परिषद समर्पण एवं आकृति फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में किए गए बाल एवं महिला आश्रम में सेवा कार्य 10 . श्री पृथ्वीनाथ महादेव जी मंदिर में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व धूमधाम से मनाया 11 . जिलाधिकारी पौड़ी ने नीलकंठ में बैठक लेने के पश्चात मंदिर में जलाभिषेक करने आये श्रद्धालुओं से लिया फीडबैक 12 . मनणा माई तीर्थ लोकजात यात्रा पर विशेष 13 . वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी ने मजिस्ट्रेटों व पुलिस अधिकारियों से उनके सेक्टर से सम्बन्धित फीड बैक प्राप्त कर दिये निर्देश 14 . विहिप चला रहा किशोरी विकास केंद्र 15 . राजकीय इंटर कॉलेज कैलाश बांगर के पांच शिक्षकों का एक साथ स्थानांतरण करने पर अभिभावकों में रोष 16 . 22को राष्ट्रीय आम दिवस--डॉ.राजेंद्र कुकसाल 17 . विकास खण्ड खिर्सू के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गहड़ में हरेला के पावन पर्व पर वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का हुआ आयोजन 18 . भागीरथी कला संगम के बैनर तले नागेश्वर मन्दिर में विशेष सफाई अभियान चलाया गया 19 . श्री केदार-बद्री श्रम समिति की टीम करेगी भारत के 13 राज्यों में महिला रामलीला मंचन का आयोजन 20 . अपराध कम करने में सहायक है योग 21 . टिहरी किताब कौथिग का भव्य शुभारंभ 22 . प्रदेश व्यापार मण्डल के कोषाध्यक्ष अनुज कुमार गुप्ता ने सफाई पर उठाए सवाल 23 . कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी राज राजेश्वरानंद महाराज का लिया आशीर्वाद 24 . गुरु पूर्णिमा पर मनाई ब्रह्मलीन साध्वी माता सुनहरी बाई की पुण्यतिथि 25 . गुरु पूर्णिमा पर महामण्डलेश्वर रूपेन्द्र प्रकाश का लिया गणमान्य लोगों ने आशीर्वाद लिया 26 . गुरुदेव हमारे जीवन को सदमार्ग पर करते हैं अग्रसर: माता आशा भारती 27 . गुरुदेव अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर करते है:महंत मुकेशानंद 28 . गुरू शिष्य परंपरा को मानने वाला देश है भारत-स्वामी राजेंद्रानंद महाराज 29 . गुरु जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं: महामंडलेश्वर उमा भारती 30 . जीवन में गुरु बिना अज्ञानता के अंधकार को समाप्त करना असम्भव: प.राधेश्याम व्यास 31 . भोजपुरी लोक समिति ने भेल क्षेत्र में किया पौधारोपण 32 . शोध की बदौलत देश-दुनिया मे खेलो मे तकनीकि बदलाव:शिवकुमार चौहान 33 . गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर भोजपुरी लोक समिति ने किया वृक्षारोपण 34 . गुरु शिष्य को पारसमणि की तरह बहुमूल्य बनाता है ः डॉ पण्ड्या 35 . शिव सेना ने दिया कोतवाली ज्वालापुर में शिकायती पत्र 36 . बैंक ऑफ बड़ौदा ने शिवकला स्कूल को कुर्सी और मेज भेटकर मनाया स्थापना दिवस 37 . शिक्षा के मन्दिर से देश की सीमा तक विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता अपना योगदान दे रहे: मुख्यमंत्री 38 . स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा स्वयं को शंकराचार्य लिखना अवैधानिक-स्वामी अच्यूतानंद तीर्थ 39 . धर्म, अध्यात्म और शिक्षा का प्रमुख केंद्र है निर्धन निकेतन आश्रम-स्वामी भगवत स्वरूप 40 . राष्ट्र की एकता अखंडता कायम रखने में संत महापुरूषों की अहम भूमिका:त्रिवेंद्र सिंह रावत 41 . श्री केदारनाथ धाम पहुंच रहे श्रद्धालुओं ने किए अपने अनुभव साझा 42 . भाजपा महानगर कार्यालय में हुई आपदा प्रबंधन की बैठक 43 . एसपी सिटी बने कांवड़ मेला के नोडल अधिकारी, एसपी देहात के देहात क्षेत्र में पुलिस व्यवस्थापन की जिम्मेदारी, यातायात प्रबंधन का जिम्मा एसपी ट्रैफिक को सौंपा 44 . करोड़ों खर्च होने के बाद भी ऊखीमठ क्षेत्र की मनसूना-उनियाणा मोटर मार्ग ध्वस्त 45 . राजकीय महाविद्यालय विद्यापीठ गुप्तकाशी में लोकपर्व हरेला के तहत विभिन्न फलदार-छायादार पौधों का रोपण कर संगोष्ठी हुई आयोजित 46 . टिहरी बाल लेखन कार्यशाला में हस्तलिखित पत्रिका टिहरी दर्पण व दीवार पत्रिकाओं का हुआ लोकार्पण 47 . भगवती मेमोरियल पब्लिक स्कूल के योगेश थपलियाल का न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन ऑफ इंडिया में वैज्ञानिक के रूप में हुआ चयन 48 . वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी ने मेले को सकुशल संपन्न कराने हेतु मेले में लगे पुलिस बल को सतर्कता से ड्यूटी करने के दिये निर्देश 49 . जिला योजना की बैठक में पौड़ी जनपद में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए लगभग 120 करोड़ की कार्ययोजना का किया गया अनुमोदन 50 . सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ व भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने महाप्रबंधक को दिया 9 सूत्रीय ज्ञापन

प्रो. (डॉ.) दिनेश चमोला 'शैलेश' का सृजन-मूल्यांकन’ विषय पर सातवां राष्ट्रीय पाक्षिक व्याख्यान हुआ संपन्न

प्रो. (डॉ.) दिनेश चमोला 'शैलेश' का सृजन-मूल्यांकन’ विषय पर सातवां राष्ट्रीय पाक्षिक व्याख्यान हुआ संपन्न

 प्रो. (डॉ.) दिनेश चमोला 'शैलेश' का सृजन-मूल्यांकन’ विषय पर सातवां राष्ट्रीय पाक्षिक व्याख्यान हुआ संपन्न 

सबसे तेज प्रधान टाइम्स 

मनीषा सूरी/पीयूष सूरी 

देहरादून/हरिद्वार। दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, मद्रास के संयोजन में प्रख्यात हिंदी साहित्यकार 'प्रोफेसर (डॉ.) दिनेश चमोला 'शैलेश' का सृजन-मूल्यांकन’ विषय पर आयोजित पाक्षिक व्याख्यानमाला का सातवां ऑनलाइन व्याख्यान 

 उनके लघु कथा संग्रह 'नन्हे प्रकाशदीप’ पर  केंद्रित रहा ।  संयोजक रजिस्ट्रार, प्रो. मंजुनाथ अंबिग के स्वगत भाषण के उपरांत रायपुर, समारोह के अध्यक्ष,  जे सी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,फरीदाबाद हरियाणा के कुलपति, प्रोफेसर सुशील कुमार तोमर ने प्रोफेसर दिनेश चमोला शैलेश' की विशिष्ट साहित्यिक उपलब्धियों  पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भाषा मनुष्य को संस्कार्रित ही नहीं करती, अपितु उसकी साधना को जन-जन तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है ।  हिंदी के चर्चित साहित्यकार, प्रोफेसर (डॉ.) दिनेश चमोला 'शैलेश' के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा,चेन्नई विगत कई माहों से एक सतत पाक्षिक व्याख्यानमाला का आयोजन कर रहा है जिसमें देश-विदेश की सुधि विद्वानों की उपस्थित प्रोफेसर चमोला की साहित्यिक अवदान की स्वीकृति का परिचायक है । प्रोफेसर चमोला विभिन्न विधाओं में सात दर्जन से ऊपर पुस्तक लिख चुके हैं । इन पर देश के अनेक विश्वविद्यालयों में पीएचडी स्तरीय शोध कार्य संपन्न हुए तथा चल रहे हैं । विगत 43 वर्षों से उनकी यह अखंड साधना इस बात का प्रमाण है कि वह एक सुधी अध्येता के साथ-साथ एक भावप्रवण कवि, जीवंत रचनाकार और साहित्य की विभिन्न विधाओं में एक साथ लिखने वाले समर्थ रचनाकार हैं । यह मेरे लिए अत्यंत हर्ष का विषय है कि उन्हें ' गाएं गीत ज्ञान विज्ञान के' नमक विज्ञान कविता संग्रह पर साहित्य अकादमी का बाल साहित्य पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। उनका लेखन बहुआयामी है,  वह देवभूमि उत्तराखंड से आते हैं इसलिए अपनी परंपरा के अनुरूप उनके लेखन में चिंतन में अनुभूति और अभिव्यक्ति में दर्शनिकता व आध्यात्मिकता का पुत्र सहज रूप से दिखाई देता है । आज का यह कार्यक्रम उनकी चर्चित पुस्तक ' नन्हे प्रकाशदीप’ पर केंद्रित है, जिसमें 115 आध्यात्मिक  लघु कथाएं हैं।   उसे पर केंद्रित है ये लघु कथाएं आकार में भले ही छोटी हैं,  लेकिन इनका मंतव्य अथवा प्रतिपाद्य अत्यंत सूक्ष्म, गहन एवं विचारोंत्तेजनजक है इसमें कहीं जीवन की निसार यथार्थ एवं वैचारिक दर्शन से अप्पाजी हुई यह लघु कथाएं निश्चित ही किसी सब उद्देश्य एवं चरित्र निर्माण में सहायक सिद्ध हो सकती है । वे जितने अच्छे कवि कथाकार उपन्यासकार हैं उससे अधिक प्रभावी लघु कथाकार भी हैं जो बहुत सीमित विषय वस्तु में उसे असीम की सार्थक संदेश को एवं जीवन यथार्थ को प्रकट करने में कदापि  जाते नहीं। निश्चित रूप से यह लघु कथा संग्रह भारतीय जीवन मूल्य एवं आध्यात्मिक परंपरा को पोस्ट करने का एक महत्वपूर्ण आयोजन है ।

 विशिष्ट अतिथि के रूप में केरल विश्वविद्यालय, तिरुवनंतपुरम के पूर्व प्रति कुलपति, प्रोफेसर आर जयचंद्रन ने प्रोफेसर चमोला के विविधमुखी योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वह एक समर्पित हिंदी से भी हैं जिन्होंने प्रत्येक विधा में उत्कृष्ट सृजन से अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है । इस लघु कथा संग्रह में रचनाकार ने शिल्प, कथावस्तु की दृष्टि से लघु कथाओं को इतनी महानता से गुना व बुना है कि वे अत्यंत प्रभविष्णु बन गई हैं । आदर्शवादी इन लोग कथाओं में मूल्य, चेतना, संस्कार, चरित्र निर्माण एवं एक समृद्ध व प्रतिभावान वैश्विक सृष्टि के विन्यास अथवा निर्माण की संकल्पना का प्रबुद्ध स्वर मुखर होता दिखाई देता है । ये लघु कथाएं देखने में जितनी छोटी हैं, मार्मिक चित्रण एवं विषय वस्तु की तरह दृष्टि से उतनी ही वैराट्य भी लिए हुए हैं । रचनाकार ऐसी अपूर्व व धारदार रचनाओं के लिए विशिष्ट साधुवाद का पात्र है ।

 यह आमंत्रित विद्वान के रूप में मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय , हैदराबाद के हिंदी विभाग के प्रोफेसर एवं समालोचक व प्रोफेसर के. एस. ऊटवाल ने प्रोफेसर चमोला को आदर्शवादी लघु कथाओं का चितेरा कहा और यह भी कहा कि इनकी लघु कथाएं गागर में सागर और बिंदु में सिंधु को समाहित करने की क्षमता रखने वाली हैं । ये लघु कथाएं जीवन मूल्य, चरित्र निर्माण, संघर्ष, आत्मसम्मान आदि मूल्योन्मुखी भावनाओं को अपने में समेटे हुए हैं जो परोक्षतः लेखक के जीवन आदर्श व कठोर तप-साधना से निसृत हुई हैं । उन्होंने प्रो. चमोला की लघु कथाओं की चर्चा करते हुए उन्हें फिल्म उद्योग तथा गायिकी से जोड़कर विभिन्न दृष्टांतों के माध्यम से विस्तार से विवेचित विश्लेषित किया

 इससे पूर्व प्रोफेसर (डॉ.)दिनेश चमोला 'शैलेश' 

 ने अपने साहित्यिक सरोकारों का हवाला दे आमंत्रित विद्वानों का आभार व्यक्त किया । इस शृंखला की लोकप्रियता के लिए उन्होंने दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा एवं उनकी समस्त टीम को भी हार्दिक साधुवाद व आशीर्वाद दिया। प्रो. चमोला वर्तमान में गढ़ विहार, मोहकमपुर, देहरादून में रहते हैं ।





You Might Also Like...
× उत्तरी हरिद्धार
मध्य हरिद्धार
ज्वालापुर
कनखल
बी एच ई एल
बहादराबाद
शिवालिक नगर
उत्तराखंड न्यूज़
हरिद्धार स्पेशल
देहरादून
ऋषिकेश
कोटद्वार
टिहरी
रुड़की
मसूरी