भारतीय राजनीति की समकालीन प्रवृत्तियां विषय पर राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन
सबसे तेज प्रधान टाइम्स गबर सिंह भण्डारी चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बर्तवाल राजकीय महाविद्यालय नागनाथ पोखरी चमोली में राजनीति विज्ञान विभाग के तत्वाधान में भारतीय राजनीति की समकालीन प्रवृत्तियों" विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया। इस वेबीनार के मुख्यवक्ता प्रो.रजनीकांत पाण्डेय,पूर्व कुलपति सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु एवं विभागध्यक्ष राजनीति विज्ञान विभाग,दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय,गोरखपुर एवं प्रोफेसर हरिओम प्रकाश सिंह,प्राचार्य,राजकीय महाविद्यालय दुर्गनाकुरी,बागेश्वर के साथ डॉ.आनन्द कुमार पाण्डेय,सहायक प्राध्यापक,राजनीति विज्ञान,राजकीय महाविद्यालय सहमो बस्ती उत्तर प्रदेश रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य,डॉ.संजीव कुमार जुयाल के स्वागत भाषण से हुआ,जिसमें डॉ.जुयाल ने मुख्यवक्ताओं का महाविद्यालय की तरफ से स्वागत करते हुए भारतीय राजनीति में मीडिया एवं सरकारों के गठजोड़ पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के संयोजक डॉ.जगजीत सिंह ने सभी वक्ताओं,उपस्थित सभी प्रोफेसर,एसोसिएट प्रोफेसर,असिस्टेंट प्रोफेसर एवं छात्र-छात्राओं का संचालन समिति की ओर से स्वागत करते हुए वेबीनार की थीम "भारतीय राजनीति की समकालीन प्रवृत्तियों का एक प्रारंभिक परिचय कराया। वक्ताओं में सर्वप्रथम प्रोफेसर रजनीकांत पाण्डेय ने कहा कि भारतीय समाज में व्यापत सामाजिक बुराईयों को समाप्त करने के लिए हमारी सरकारों में इच्छाशक्ति की आवश्यकता है। उन्होंने भारतीय सामाजिक परिवेश को पश्चिमी साहित्य के दृष्टिकोण से न देखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि इन सभी समस्याओं का समाधान भारतीय संविधान निर्माताओं ने संविधान के निर्माण के समय ही कानूनी रूप से कर दिया था। इसी क्रम में प्रो.हरिओम प्रकाश सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारतीय लोकतंत्र की संस्थाएं अभी इस रूप में सशक्त नहीं हो पाई हैं जिस रूप में मीडिया एवं अन्य सूचनाओं के स्रोतों द्वारा नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया है तथा उनकी आवश्यकताओं में तीव्र गति से वृद्धि की गई है। जिसके फलस्वरूप जनता की आवश्यकताएं आधुनिकीकरण के द्वारा बढ जाती हैं लेकिन सरकारें इन्हें इसके अनुरूप उपलब्ध कराने में अपने को असमर्थ पाती है और संरक्षणवादी प्रवृत्तियां अपनाने लगती हैं। इसके पश्चात् डॉ.आनन्द कुमार पाण्डेय ने 1990 के दशक से वर्तमान तक भारतीय राजनीति में आए बडे बदलावों-उदारीकरण,मंडल कमीशन,मंदिर मुद्दा तथा गठबंधन की राजनीति पर श्रोताओं का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने वर्तमान भारतीय राजनीति में बढ़ती केंद्रीयकरण की प्रवृत्तियों तथा राजनीतिक दलों में विचारधारा के स्तर पर अन्तर में उत्तरोत्तर समाप्ति पर अपने विचार रखे। वेबीनार के समापन पर आयोजन समिति की सचिव डॉ.शाजिया सिद्दकी द्वारा सभी वक्ताओं,उपस्थित सभी प्रतिभागियों,वेबीनार संचालन समिति एवं सलाहकार समिति के सदस्यों को धन्यवाद देते हुए उन्होनें निदेशक उच्च शिक्षा उत्तराखण्ड सरकार डॉ.अंजु अग्रवाल को धन्यवाद ज्ञापित किया जिनके आशीर्वाद से यह वेबीनार सफलतापूर्वक सम्पन्न हो पाया।
इस अवसर पर वेबीनार के सचिव डॉ.ललित जोशी,सह-सचिव डॉ.रामानंद एवं डॉ.राजेश भट्ट,तकनीकी समिति के सदस्य डॉ.केवलानन्द,डॉ.अनुपम रावत तथा सलाहकारी समिति के सदस्य डॉ.अनिल कुमार,डॉ.अंजलि रावत,डॉ.अंशु सिंह,डॉ.आरती रावत सहित महाविद्यालय के मुख्यशास्ता डॉ.नंद किशोर चमोला,डॉ.ए.के.श्रीवास्तव,डॉ.कंचन सहगल,डॉ.आयुष बर्त्याल,डॉ.शशि चौहान,डॉ.कीर्ति गिल,विजय कुमार के साथ-साथ 110 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।